Home / आज का विचार / मुसीबत और ख़ुशी
मुसीबत और खुशी - musibat aur khushi

मुसीबत और ख़ुशी

मुसीबत और खुशी
बिना किसी अपाईन्टमेन्ट के आती हैं।
इसलिये अपने आपको तैयार रखो कि
मुसीबत के समय होश
और खुशी के समय जोश कायम रहे।

मांगी हुई खुशियों से,
किसका भला होता है,
किस्मत में जो लिखा होता है,
उतना ही अदा होता है,
न डर रे मन दुनिया से,
यहाँ किसी के चाहने से,
नहीं किसी का बुरा होता है,
मिलता है वही,
जो हमने बोया होता है ।

musibat se nikharti hai

मुसीबतों से निखरती है
शख्सियत यारो
जो चट्टानों से न उलझे वो
झरना किस काम का।

हवाएँ मौसम का रुख बदल सकती हैं
और दुआएँ मुसीबत का
इसलिए अच्छे लोगों की संगत में रहें।