सुविचार

मुस्कान चेहरे का वास्तविक श्रृंगार

मुस्कान पर सुविचार

मुस्कान को दिल से छुओ। हँसी को दबाईये मत। खुलकर हँसिये।

एक सच्ची मुस्कान से मुस्कान पाने वाला
मालामाल हो जाता है परंतु
मुस्कान देने वाला दरिद्र नहीं होता है ।

“मुस्कान” और “मदद” ये दोनों
ऐसे इत्र हैं
जिन्हें जितना अधिक दूसरों पर छिड़केंगे
उतना ही अधिक सुगंध आपके अन्दर आयेगी ।

मौन और मुस्कान
दोनों का इस्तेमाल कीजिए।
मौन रक्षा कवच है
तो मुस्कान स्वागत -द्वार

जब पांच सेकंड की मुस्कान
से फोटो अच्छी आ सकती है
तो हमेशा मुस्कुराने से जिन्दगी
अच्छी क्यों नही हो सकती ।

मुस्कान मानव हृदय की मधुरता को दर्शाता है
शांति बुद्धि की परिपक्वता को और
दोनों का होना, मनुष्य की संपूर्णता को बताता है।

नन्हें से इस दिल में अरमान कोई रखना
दुनिया की इस दौड़ भीड़ में पहचान कोई रखना
अच्छे नहीं लगते जब रहते हो उदास
इन होठों पे सदा मुस्कान वही रखना ।

होठों पे मुस्कान थी कंधों पे बस्ता था,
सुकून के मामले में वो जमाना सस्ता था।

कल किसने देखा है
अपने आप में खुश रहो
खुशियों का इंतज़ार किसलिए
दूसरों की मुस्कान में खुश रहो
क्यूँ तड़पते हो हर पल किसी के लिए
कभी तो अपने आप में खुश रहो
छोटी सी ज़िन्दगी है हर हाल में खुश रहो ।

राह जब सूनी हो और
अपनेपन की हमें तलाश हो, तो
हर उस चीज को महसूस करना चाहिए
जो करीब हो।
चाहे आसपास फैली हरियाली हो,
उनके पत्ते हों, शाखाओं का झूलना हो, चिडि़यों का चहकना हो और भी बहुत कुछ,
सभी को महसूस कीजिये
आप खुद को खुश महसूस करेंगे।
आप ऐसे वातावरण में स्वयं को हँसता, खेलता और इतराता पायेंगे जो
एक मौके पर कई खूबसूरत जीवन जीने के बराबर होगा।

मेरा मन यह लिखते हुए झूम रहा है कि –
हँसी खुशगवार है,
खुशनुमा ये पल हैं,
खूबसूरती है उसमें,
जो जियें ऐसे पल।’

लोग अपने तरीके से जी रहे हैं। आप भी उनमें ही हैं। हर किसी का जीवन अपना है, पर एक प्यारी सी मुस्कान से आप दिलों पर राज कर सकते हैं ।

मुस्कुराओ….

क्योंकि यह मनुष्य होने की पहली शर्त है। एक पशु कभी मुस्कुरा नहीं सकता है ।

मुस्कुराओ…..

क्योंकि मुस्कान ही आपके चेहरे का वास्तविक श्रृंगार है। मुस्कान आपको किसी बहुमूल्य आभूषण के अभाव में भी सुन्दर दिखाएगी।

मुस्कुराओ…..

क्योंकि दुनिया का हर आदमी खिले फूलों और खिले चेहरों को पसंद करता है।

मुस्कुराओ…..

क्योंकि क्रोध में दिया गया आशीर्वाद भी बुरा लगता है और और मुस्कान के साथ कहे गए बुरे शब्द भी अच्छे लगते हैं।

मुस्कुराओ…..

क्योंकि परिवार में रिश्ते तभी तक कायम रह पाते हैं जब तक हम एक दूसरे को देख कर मुस्कुराते रहते हैं।

मुस्कुराओ…..

क्योंकि आपकी हँसी किसी की ख़ुशी का कारण बन सकती है।

मुस्कुराओ…..

कहीं आपको देखकर कोई किसी गलतफहमी में न पड़ जाए क्योंकि मुस्कुराना जिन्दा होने की पहली शर्त भी है।

हमेशा यह कोशिश करते रहिये कि अच्छे विचार आपके मन को छूते रहें। बुरे विचारों को बाहर करते रहिये। मन को सफेद करने की कोशिश में उस पर बुरी सोच के छीटें नहीं पड़ेंगे। तब मन निर्मल रहेगा। वह खुशी से नाचने लगेगा। यही तो जीवन का रस होगा।

जानते हैं आप कि जीवन का सबसे अच्छा पहलू है कि ‘‘जीवन आपसे मुस्कराने को कहता है’’, और वह बार-बार यही दोहराता है कि ‘‘उसे फीका मत होने दीजिये, रस में रखिये तो वह आपकी मुस्कान को प्रफुल्लित करता रहेगा।’’

जिंदगी की ताकत को पहचानिये।

मुस्कान पर और पढ़िए –

बिंदास मुस्कुराओ क्या ग़म है

हँसो तो मुस्कराती है जिन्दगी

हक़ीक़त जिंदगी की

Tags
Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close