अनमोल वचन

बात वो करो

बात वो करो जो औरों को अच्छी लगे
काम वो करो जो रब को अच्छा लगे
दोस्त वो बनाओ जो गम में सीने से लगे
पहचान वो बनाओ जो जाने के बाद लोगों को अच्छी लगे ।

बात बन जाए तो तदवीर नज़र आती है
गर बिगड़ जाए तो तक़दीर नज़र आती है ।

बात अच्छी है तो,
उसकी हर जगह चर्चा करो;
है बुरी तो दिल में रखो,
फिर उसे अच्छा करो ।

बाहर से जो करता है, बहुत प्यार से बातें
अन्दर से वही “शख्स” हमारा नहीं होता ।

प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है,
मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी ।

बातों से सीखा है हमने आदमी को पहचानने का फन,
जो हल्के लोग होते हैं, हर वक्त बातें भारी-भारी करते हैं ।

सुलझ गई तो सिमटने लगेगी जिंदगी,
कुछ बातें उलझी ही रहने दो ।

यूँ  गुमसुम मत बैठो पराये से लगते हो,
मीठी बातें नहीं करना है तो चलो झगड़ा ही कर लो ।

जो बातें हमें भूल जानी चाहिए,वो सब हमें याद हैं,
इसलिए ही ज़िन्दगी में इतना विवाद है ।

रिश्तों की बातें बस दिल तक रखना,
दिमाग चालाक है हिसाब लगाएगा ।

मीठी-मीठी बातें तो हमें भी आती है लेकिन,
वो तहजीब नहीं सीखी जिससे किसी का दिल दुखे ।

सफल रिश्तों के यही उसूल हैं,
वो बातें भूलिए जो फिजूल हैं ।

सुनकर ज़माने की बातें, तू अपनी अदा मत बदल,
यकीं रख अपने खुदा पर, यूँ बार-बार खुदा मत बदल ।

कभी पीठ पीछे आपकी बात चले तो घबराना मत,
बात उन्हीं की होती है, जिनमें कोई बात होती है ।

मनचाहा बोलने के लिए, अनचाहा सुनने की ताकत भी होनी चाहिए ।

एक वक्त था जब बातें खत्म नहीं हुआ करती थी,
आज सब खत्म हो गया पर बात नहीं होती ।

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