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धागे की ज़िद

धागे की ज़िद


मोतियों को तो आदत है, बिखर जाने की ,
ये तो बस धागे की ज़िद है कि
सबको पिरोये रखना है ।
माला की तारीफ़ तो करते हैं सब,
क्योंकि मोती सबको दिखाई देते हैं ।
काबिले तारीफ़ धागा है जनाब
जिसने सब को जोड़ रखा है ।

कभी कभी हम धागे
बहुत कमजोर चुन लेते हैं और
पूरी उम्र
गांठ बाँधने में ही गुजर जाती है।

 

 

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