सुविचार

झूठे इन्सान से प्रेम और सच्चे इन्सान से गेम

हो सके तो ज़िंदगी में
दो काम कभी मत करना
झूठे इंसान से प्रेम
और सच्चे इंसान से गेम ।

विश्वास और प्रेम में
एक समानता है
दोनों में से कोई ज़बरदस्ती
पैदा नहीं किया जा सकता है ।

प्यार का अंजाम कौन सोचता है,
चाहने से पहले नियत कौन देखता है ।
मोहब्बत है एक अँधा एहसास,
करते हैं सब, पर मुकाम कौन जानता है ।

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दुनिया की सबसे दुर्लभ जोड़ी होती है
खुशी और आँसू की
दोनों का एक साथ मिलना
मुश्किल है
लेकिन जब दोनों साथ होते हैं
तो वह पल सबसे खूबसूरत होता है ।

किसी के भी प्रति आपका
आश्वस्ति भरा व्यवहार “मैं हूँ न” वाला
आत्मीयता और फिक्र से भरे दो शब्द
एक हल्की सी मुस्कान
और थोड़ा सा स्नेह
बाँटते चलिये
जितना बाँट सकें
हमें कोई मूल्य खर्च नहीं करना
पर दूसरे के लिये अनमोल उपहार होगा ।

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रिश्तों में समझदार बनो
वफा़दार बनो
असरदार बनो
पर यार
दुकानदार मत बनो ।

बहुत सौदे होते हैं संसार में
मगर
सुख बेचने वाले
और
दुख खरीदने वाले नहीं मिलते ।

प्यार, मोहब्बत, आशिकी ये बस अल्फाज थे,
मगर जब तुम मिले तब इन अल्फाजों को मायने मिले ।

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शब्दों में चमत्कार भरा होता है ।
शब्द भावना की देह देता है
और भावना शब्द के सहारे साकार बनती है ।
ये हमारे व्यक्तित्व और विचार दोनों बनाते हैं।
हमारे बाहर ही नहीं, हमारे भीतर भी शब्द गूंजते हैं ।

मोहब्बत लिबास नहीं, जो हर रोज बदला जाए,
मोहब्बत कफन है, पहन कर उतारा नहीं जाता ।

उतर जाते हैं दिल में कुछ लोग इस कदर,
उनको निकालो तो जान निकल जाती है ।

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