प्रेरणादायक विचार

कल न हम होंगे न कोई गिला होगा

कल न हम होंगे

कल न हम होंगे न कोई गिला होगा
सिर्फ सिमटी हुई यादों का सिलसिला होगा
जो लम्हे हैं चलो हँसकर बिता लें
जाने कल ज़िंदगी का क्या फैसला होगा ।

कल न हम होंगे – कल क्या पता वक्त कहाँ ले जायेगा

साथ रहते रहते यूँ ही वक्त गुजर जायेगा,
दूर होने के बाद कौन किसे याद आयेगा ।
जी लो ये पल जब हम साथ है,
कल क्या पता वक्त कहाँ ले जायेगा।

कल न हम होंगे – कल बस यादें होंगी

आज ये पल है
कल बस यादें होंगी
जब ये पल ना होंगे
तब सिर्फ बातें होंगी ।
जब पलटोगे
जिंदगी के पन्नों को
तो कुछ पन्नों पर आँखें नम,
और कुछ पर मुस्कुराहटें होंगी । 

कल न हम होंगे – फिर कोई न हम से रूठेगा

आहिस्ता से पढ़ना, एक वाक्य भी दिल में बैठ गया तो कविता सार्थक हो जायेगी….

एक दिन हम जुदा हो जायेंगे ना जाने कहाँ खो जाएंगे,
तुम लाख पुकारोगे हमको पर लौट कर हम ना आएंगे ।
धक हार के दिन के कामों से जब रात को सोने जाओगे,
जब देखोगे अपने फोन को पैगाम मेरा ना पाओगे,
तब याद तुम्हें हम आएंगे पर लौट के ना आ पायेंगे ।
इक रोज ये रिश्ता टूटेगा फिर कोई न हम से रूठेगा,
पर हम ना आँखें खोलेंगे तुम से कभी ना बोलेंगे
आखिर उस दिन तुम रो दोगे ऐ दोस्त मुझे तुम खो दोगे ।

कल न हम होंगे – मैं रूठा, तुम भी रुठ गए, फिर मनाएगा कौन?

🥀 मैं रूठा, तुम भी रुठ गए,
फिर मनाएगा कौन? 🥀

🥀 आज दरार है, कल खाई होगी,
फिर भरेगा कौन? 🥀

🥀 मैं चुप, तुम भी चुप,
इस चुप्पी को फिर तोड़ेगा कौन? 🥀

🥀 छोटी बात को लगा लोगे दिल से,
तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन? 🥀

🥀 दु:खी मैं भी और तुम भी
बिछड़कर, सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन? 🥀

🥀 न मैं राजी, न तुम राजी,
फिर माफ करने का बड़प्पन दिखाएगा कौन? 🥀

🥀 डूब जाएगा यादों में दिल कभी,
तो फिर धैर्य बंधाएगा कौन? 🥀

🥀 एक अहम मेरे अंदर, एक अहम तेरे भीतर भी,
इस अहम को फिर हराएगा कौन? 🥀

🥀 जिंदगी किसको मिली है सदा के लिए,
फिर इन लम्हों में अकेला रह जाएगा कौन? 🥀

🥀 मूंद ली दोनों में से गर किसी दिन, एक ने आँखे
तो कल इस बात पर फिर पछतायेगा कौन? 🥀

Respect Each Other
Ignore Mistakes
– Avoid Ego

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