अनमोल वचन

इबादत की जरूरत न होती

सेड शायरी

आँसू  न होते तो आँखे इतनी खूबसूरत न होती
दर्द न होता तो ख़ुशी की कोई कीमत न होती;
अगर मिल जाता कोई चाहने से;
तो दुनिया में ऊपर वाले की भी जरुरत न होती।

दर्द कितने भी हों दिल में,
मुस्कुराते रहिये ।
अगर जो गिरा एक आंसू तो,
तमाशा हो जायेगा ।
पोंछने वाले कम मिलेंगे,
वजह पूछने वालों का
अंबार लग जायेगा ।

बहुत अंदर तक तबाह कर देते हैं !
वो अश्क़ जो आँखों से गिर नहीं पाते !

किसी इंसान को दर्द देना इतना आसान होता है
जितना समुद्र में पत्थर फेकना !
लेकिन यह कोई नहीं जनता कि वह कितनी
गहराई तक गया होगा !

मैं कहाँ जानता हूँ दर्द की क़ीमत !
मेरे अपनों ने मुझे मुफ्त में दिया है !!

रिश्ते उन्हीं से बनाओ !
जो निभाने की औकात रखते हों !!

जिस्म के ज़ख्म का इलाज तो मुमकिन है !
लेकिन रूह के ज़ख्म का हकीम नहीं कोई !!

जिनके दिल पर चोट लगती है !
वो अक्सर आँखों से नहीं दिल से रोते हैं ।

मुस्कुराते हुए इंसान की कभी जेबे देखना !
हो सकता है रूमाल गिला मिले !!

दर्द पर शायरी

गुज़र जायेगा ये दौर भी ज़रा सब्र तो रख !
जब खुशियाँ ही न रुकी तो ग़म की क्या औकात है !!

हुस्न वाले जब तोड़ते हैं दिल किसी का !
बड़ी मासूमियत से कहते हैं मजबूर थे हम !!

हर किसी में तुझे पाने की कोशिश की !
बस एक तुझे न पाने के बाद !!

हँसकर दर्द छुपाने का हुनर मशहूर था मेरा !
पर कोई हुनर काम न आया जब तेरा नाम आया !!

रूठूँगा तुझसे तो इस क़दर रूठूँगा
तेरी आँखे तरस जाएगी मेरी एक झलक को

यही सोचकर सफाई नहीं दी हमने !
इल्ज़ाम भले ही झूठे हैं पर लगाए तो तुमने है

कोई सिखा दे मुझे भी अपने वादों से मुक़र जाना !
बहुत थक चुका हूँ निभाते-निभाते !!

जो लोग दर्द को समझते हैं !
वो लोग कभी दर्द की वजह नहीं बनते !!

कुछ बातें समझाने से नहीं !
खुद पर बीत जाने से समझ आती हैं !!

लोग कहते हैं हमसे तुम बहुत बदल गए हो !
तो अब क्या टूटे हुए पत्ते रंग भी न बदलें !

ज़िन्दगी की हक़ीक़त को बस इतना ही जाना है !
दर्द में अकेले हैं खुशियों में ज़माना है !!

दर्द कम नहीं हुआ है मेरा !
बस सहने की आदत हो गयी है !!

क्या फायदा है अब रोने से !
जो प्यार न समझा वो दर्द क्या समझेगा !!

दर्द मुझको ढूंढ़ लेता है रोज़ नए बहाने से !
वो हो गया वाक़िफ़ मेरे हर ठिकाने से !!

अपनी पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैंने !
ठीक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने !!

असली तकलीफ तो ये ज़िन्दगी देती है !
मौत तो बस यूंही नाम से बदनाम है !!

मोहब्बत भी उधार की तरह है !
लोग ले तो लेते है मगर देना भूल जाते हैं !!

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दर्द शायरी




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