Home / अनमोल वचन / प्रेम देना सबसे बड़ा उपहार है
प्रेम देना सबसे बड़ा उपहार

प्रेम देना सबसे बड़ा उपहार है

प्रेम देना सबसे बड़ा उपहार और प्रेम पाना सबसे बड़ा सम्मान है –

“प्रेम शब्द से न चिढ़ो। यह हो सकता है कि तुमने जो प्रेम समझा था वह प्रेम ही नहीं था। उससे ही तुम जले बैठे हो और यह भी मैं जानता हूँ कि दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँककर पीने लगता है। तुम्हें प्रेम शब्द सुनकर पीड़ा उठ आती होगी, चोट लग जाती होगी। तुम्हारे घाव हरे हो जाते होंगे। फिर से तुम्हारी अपनी पुरानी यादें उभर आती होंगी।

लेकिन मैं उस प्रेम की बात नहीं कर रहा हूँ। मैं जिस प्रेम की बात कर रहा हूँ उस प्रेम का तो तुम्हें अभी पता ही नहीं है, और मैं जिस प्रेम की बात कर रहा हूँ वह तो कभी असफल होता ही नहीं और मैं जिस प्रेम की बात कर रहा हूँ उसमें अगर कोई जल जाए तो निखरकर कुंदन बन जाता है, शुद्ध स्वर्ण हो जाता है।

मैं जिस प्रेम की बात कर रहा हूँ उसमें जलकर कोई जलता नहीं और जीवंत हो जाता है।

व्यर्थ जल जाता है, सार्थक निखर आता है।”
– ओशो

प्रेम देना सबसे बड़ा उपहार
हमेशा प्रेम की भाषा बोलिए,
इसे बहरे भी सुन सकते हैं और
गूंगे भी समझ सकते हैं ।

प्रेम देना सबसे बड़ा उपहार
किसी को प्रेम देना सबसे बड़ा उपहार है
और किसी का प्रेम पाना
सबसे बड़ा सम्मान है।

प्रेम चाहिए - प्रेम देना सबसे बड़ा उपहार
प्रेम चाहिए तो समर्पण खर्च करना होगा;
विश्वास चाहिए तो निष्ठा खर्च करना होगी;
साथ चाहिए तो समय खर्च करना होगा;
किसने कहा रिश्ते मुफ्त मिलते हैं;
मुफ्त तो हवा नहीं मिलती;
एक साँस भी तब आती है;
जब एक साँस छोड़ी जाती है ।

Prem Ek Judav Hai - प्रेम देना सबसे बड़ा उपहार
प्रेम एक जुड़ाव है,
कोई बंधन नहीं क्योंकि
बाँधनेे के लिए लाजिमी है गाँठ लगाना
और
जहाँ गाँठ है वहाँ बंधन तो हो सकता है परंतु
प्रेम नहीं ।

प्रेम देना सबसे बड़ा उपहार
प्रेम कोई शब्द नहीं,
जिसे लिख पाओगे
प्रेम कोई अर्थ नहीं,
जिसे समझ पाओगे
ये तो वीणा का सफर है
बह गए तो बस बहते चले जाओगे ।

Prem Bachpan Mein
प्रेम बचपन में मुफ्त मिलता है
जवानी में कमाना पड़ता है
और
बुढ़ापे में मांगना पड़ता है।

Pyar Aur Taqat Mein Fark

प्यार और ताकत में फर्क :

ये कभी मत सोचो “हम से जो टकरायेगा वो चूर चूर हो जायेगा”;
बल्कि यह सोचो “हम से जो टकरायेगा वो हमारा हो कर जायेगा”;
हमेशा प्रेम प्रदर्शित करो न कि ताकत;
क्योकि समय आने पर वो सामने वाले को अपने आप ही दिख जायेगी ।

Prem Na Dava Karta Hai

प्रेम न दावा करता है
न क्रोध करता है
न बदला लेता है
वह सदा देता है
और तकलीफ उठाता है ।

वह जो पचास लोगों से प्रेम करता है;
उसके पचास संकट हैं,
वो जो किसी से प्रेम नहीं करता;
उसके एक भी संकट नहीं हैं ।
– भगवान बुद्ध

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.