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साथ - saath wahi nibha paate hain

साथ वही निभा पाते हैं


अक्सर राहों में मुसाफिरों से
साथ छूट जाया करते हैं
साथ वही निभा पाते हैं
जो रिश्तों को समझ पाते हैं.

जिस  दिन आपका सबसे करीबी साथी आप पर गुस्सा करना छोड़ दे तब समझ लो कि आप उसे खो चुके हैं ।

जब कदम थक जाते हैं, तब मेरा हौसला साथ देता है और जब सब मुँह फेर लेते हैं तो मेरा रब साथ देता है।

भाग्य और झूठ के साथ जितनी ज्यादा उम्मीद करोगे, वो उतना ही ज्यादा निराश करेगा, और कर्म और सच पर जितना जोर दोगे, वो उम्मीद से सदैव ही ज्यादा देगा।

मतलबी लोगों के साथ रहने का मज़ा ही कुछ और है थोड़ी तकलीफ तो होती है पर दुनिया के दर्शन उनके अंदर ही हो जाते हैं।

Aksar Rahon Mein Musafiriron Se
Saath Chhut Jaya Karte Hain
Saath Wahi Nibha Paate Hain
Jo Rishton Ko Samajh Paate Hain.