Home / सुविचार / हँसते हुए लोगों की संगत
Hanste Huye Logon Ki Sangat

हँसते हुए लोगों की संगत

हँसते हुये लोगों की संगत
इत्र की दुकान जैसी होती है
कुछ न खरीदो
रूह तो महका ही देती है ।

हँसना स्वास्थ्य के लिए जरूरी है । क्या आपको ज्ञात है?
आज की इस भागमभाग की जिन्दगी में हँसना भी एक वजन लगने लगा है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ।



खुल कर हँसने से शरीर में रक्त का संचार अधिक होता है, जिसके कारण शरीर में चुस्ती बनी रहती है और शरीर के हर अंग में स्फूर्ती आती है।
हमें जो जीवन ईश्वर ने दिया है, इसकी कीमत का मूल्यांकन करना, किसी के बस की बात नहीं है, परन्तु एक कटु सत्य है कि जिन्दगी एक समतल धरातल के समान नहीं है । दुख सुख से भरी हुई उतार-चढाव से भरी हुई है ।
आप हँसेंगे तो दुनिया भी हँसेगी । दुनिया को अपनी परेशानियों के दुखड़े रोयेंगे तो मात्र एक मजाक का पात्र बन जायेंगे ।
कभी सोचियेगा, इस युग में कितने ऐसे होंगे, जिन्होंने गिरती दीवार के पास आकर उसे रोकने का प्रयास किया हो, शायद एक भी नहीं,
इसी प्रकार हमारे दुखों पर अगर हम खुल कर हँस लेंगे तो थोड़ी सी देर के लिए ही सही पर शांति जरूर मिलेगी और दुखों को भूल जायेंगे, दुखों का रोना, रोते रहने से यह समाज भी आप के सामने आप का शुभचिन्तक और बाद में पीछे से आपकी बुराई करते भी देर नहीं लगाता तो क्यों न हम आज से ही खुल के हँसने की आदत डाल लें, वर्ना एक झूठी मुस्कराहट तो चेहरे पर रख ही सकते हैं । फिर देखिये आप के स्वास्थ्य पर कितना अनूकुल प्रभाव आएगा ।



और पढ़िए –

बाँटो मुस्कराहट इतनी

मुस्कान चेहरे का वास्तविक श्रृंगार

बिखरने दो होंठो पर हँसी

हक़ीक़त जिंदगी की, ठीक से जब जान जाओगे, ख़ुशी में रो पड़ोगे और गमों में मुस्कुराओगे ।

बिंदास मुस्कुराओ क्या ग़म है

हँस कर जीना दस्तूर है ज़िंदगी का

मुस्कुराना ज़िंदगी है

कुछ हँस के बोल दिया करो

कल किसने देखा है

ज़िंदगी मिली है जीने के लिए

हँसता हुआ चेहरा

हँसो तो मुस्कराती है जिन्दगी

Leave a Reply

Your email address will not be published.