Home / सुविचार / हक़ीक़त जिंदगी की
हक़ीक़त जिंदगी की

हक़ीक़त जिंदगी की

हक़ीक़त जिंदगी की,
ठीक से जब जान जाओगे;
ख़ुशी में रो पड़ोगे;
और गमों में मुस्कुराओगे ।
खुद से बहस करोगे तो,
सारे सवालों के जवाब मिल जायेंगे;
अगर दूसरो से करोगे तो,
और नये सवाल खड़े हो जायेंगे ।
हमारी समस्या का समाधान;
केवल हमारे पास है,
दूसरों के पास केवल;
सुझाव हैं ।

परिस्थितियाँ;
जब विपरीत होती हैं,
तब व्यक्ति का;
प्रभाव और पैसा नहीं,
स्वभाव और सम्बंध,
काम आते हैं ।


गुस्सा अकेला आता है,
मगर हमसे सारी अच्छाई ले जाता है।
सब्र भी अकेला आता है,
मगर हमें सारी अच्छाई दे जाता है ।


रात भर गहरी नींद आना
इतना आसान नहीं,
उसके लिए दिन भर
ईमानदारी” से जीना पड़ता है ।

जो बाहर की सुनता है,
वो बिखर जाता है,
जो भीतर की सुनता है,
वो सँवर जाता है।


ज़िन्दगी निकल जाती है ढूँढने में कि,
ढूँढना क्या है ?
अंत में तलाश सिमट जाती है
इस ‘सुकून’ में कि
जो मिला, वो भी कहाँ
‘साथ’ लेकर जाना है ।


कुछ बोलने और
तोड़ने में
केवल
एक पल लगता है..,
जबकि
बनाने और मनाने में
पूरा जीवन लग जाता है।
प्रेम सदा माफ़ी;
माँगना पसंद करता है और;
अहंकार सदा;
माफ़ी सुनना पसंद करता है ।


मुसीबत में अगर,
मदद माँगो तो;
सोच कर माँगना,
क्योंकि मुसीबत;
थोड़ी देर की होती है;
और एहसान जिंदगी भर का ।


जब तक हम लोगों के लिए,
कुछ करते हैं;
वो कुछ नहीं कहते हैं;
पर ऐसा न हो तो कहेंगे कि,
आप बदल गए हैं ।


आपसे
लोगों की अपेक्षाओं का
कोई अन्त नहीं है;
जहाँ आप चूके वहीं पर
लोग बुराई निकाल लेते हैं
और पिछली सारी
अच्छाईयों को भूल जाते हैं
इसलिए
अपने कर्म करते चलो,
लोग आपसे
कभी संतुष्ट नहीं हो पाएँगे।


इंसानों की इस दुनिया में;
बस यही तो इक रोना है;
जज़्बात अपने हों तो ही जज़्बात हैं;
दूजों के हों तो खिलौना हैं ।


कागजों को जोड़ने वाली ‘पिन’;
ही कागज को चुभती है,
इसी प्रकार हर वह व्यक्ति;
जो जोड़ने का प्रयास करता है,
लोगों को चुभता है ।


ज़माने की नज़र में,
थोड़ा अकड़ कर चलना सीख लो ऐ दोस्त;
मोम जैसा दिल लेकर फिरोगे,
तो लोग जलाते ही रहेंगे ।

इंसान,
इंसान को धोखा
नहीं देता
बल्कि वो उम्मीदें
धोखा दे जाती हैं,
जो वो दूसरों से रखता है ।

कोई नहीं देगा साथ तेरा यहॉं;
हर कोई यहॉं खुद ही में मशगूल है;
जिंदगी का बस एक ही उसूल है यहॉं,
तुझे गिरना भी खुद है और
सम्हलना भी खुद है ।


भरोसा उस पर करो,
जो आपके अंदर की तीन;
बातें जान सके ।
मुस्कुराहट के पीछे दुःख,
गुस्से के पीछे प्यार,
चुप रहने के पीछे वजह ।


भरोसा करते वक़्त,
होशियार रहिए,
क्योंकि फिटकरी और मिश्री;
एक जैसे ही नज़र आती हैं ।


ज़िंदगी की राहों में
ऐसा अक्सर होता है
फैसला जो मुश्किल हो
वही बेहतर होता है ।
हो सके तो वही करना;
जो दिल कहे;
क्योंकि;
जो दिमाग कहता है;
वो  “मज़बूरी”  होती  है;
और  जो  दिल  कहता  है, वो;
“मंजूरी” होती है ।


यूँ ही नहीं होती,
हाथ की लकीरों के आगे उँगलियाँ,
रब ने भी किस्मत से,
पहले मेहनत लिखी है।


यूँ असर डाला है-
मतलबी लोगों ने दुनिया पर …
सलाम भी करो तो-
लोग समझते हैं कि
जरूर कोई काम होगा ।


ज़िन्दगी,
किसी के लिए नहीं रुकती;
बस जीने की वजह
बदल जाती है ।

जान देने की बात होती है यहाँ,
पर यकीन मानिए हुज़ूर;
दुआ तक दिल से नहीं देते हैं लोग ।

संभाल के रखना;
अपनी पीठ को यारो,
शाबाशी और खंजर;
दोनों वहीं पर मिलते हैं ।

कब साथ निभाते है लोग,
आँसुओं की तरह बिछड़ जाते हैं लोग,
वो ज़माना और था,
लोग रोते थे गैरों के लिए,
आज तो अपनों को रुलाकर,
मुस्कुराते हैं लोग ।


हमारी उपलब्धियों में,
दूसरों का भी योगदान होता है,
क्योंकि
समन्दर में भले ही पानी अपार है,
परन्तु
सच तो यही है कि वो,
नदियों का उधार है ।


अपने वो नही होते जो,
तस्वीर
में साथ खड़े होते हैं ।

अपने वो होते हैं जो,
तकलीफ
में साथ खड़े होते हैं ।

 

जब इंसान;
अपनी गलतियों का;
वकील और;
दूसरों की गलतियों का;
जज बन जाये तो;
फैसले नहीं फासले हो जाते हैं ।


भरोसा खुद पर रखो;
तो ताकत बन जाती है;
और दूसरों पर रखो तो;
कमजोरी बन जाती है ।

आप कब सही थे,
इसे कोई याद नहीं रखता।
लेकिन आप कब गलत थे;
इसे सब याद रखते हैं।


जीना सरल है,
प्यार करना सरल है;
हारना और जीतना भी सरल है;
तो फिर कठिन क्या है ….?
सरल होना ही बहुत कठिन है ।


खुद को बिखरने मत देना
कभी किसी हाल में,
लोग गिरे हुए मकान की
ईटें तक ले जाते हैं ।


जिंदगी और शतरंज की बाजी में;
सिर्फ इतना फर्क है कि;
जिंदगी में आपको;
सफ़ेद और काले मोहरों का;
कभी पता ही नहीं चलता ।

ज़िंदगी में कितने भी आगे निकल जाएँ,
फिर भी सैकड़ों लोगों से पीछे रहेंगे।
ज़िंदगी में कितने भी पीछे रह जाएँ,
फिर भी सैकड़ों लोगों से आगे होगें।
अपनी जगह का लुत्फ़ उठाएँ,
आगे-पीछे तो दुनिया में चलता रहेगा।


पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है,
जिसको समस्या न हो;
और;
पृथ्वी पर कोई समस्या ऐसी नहीं है;
जिसका कोई समाधान न हो ।

आर्थिक स्थिति कितनी भी अच्छी हो,
जीवन का सही आनंद लेने के लिए;
मानसिक स्थिति अच्छी होनी चाहिए;
घर में सोफासेट हो, डिनरसेट हो, टीवीसेट हो, मेकअप सेट हो पर;
माइंडसेट न हो तो आप कहीं भी सेट नही हो सकते ।


चालाकियों से किसी को;
कुछ देर तक मोहित किया जा सकता है;
पर जहाँ दिल जीतने की;
बात आती है तो;
सरल और सहज होना जरुरी है।