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मुस्कान

मुस्कान चेहरे का वास्तविक श्रृंगार

राह जब सूनी हो और अपनेपन की हमें तलाश हो, तो हर उस चीज को महसूस करना चाहिए जो करीब हो। चाहें आसपास फैली हरियाली हो, उनके पत्ते हों, शाखाओं का झूलना हो, चिडि़यों का चहकना हो और भी बहुत कुछ, सभी को महसूस कीजिये आप खुद को खुश महसूस करेंगे। आप ऐसे वातावरण में स्वयं को हंसता, खेलता और इतराता पायेंगे जो एक मौके पर कई खूबसूरत जीवन जीने के बराबर होगा।

जिंदगी की मुस्कान को दिल से छुओ। हँसी को दबाईये मत। खुलकर हँसिये।



मेरा मन यह लिखते हुए झूम रहा है कि –
‘हँसी खुशगवार है,
खुशनुमा ये पल हैं,
खूबसूरती है उसमें,
जो जियें ऐसे पल।’

लोग अपने तरीके से जी रहे हैं। आप भी उनमें ही हैं। हर किसी का जीवन अपना है।

मुस्कुराओ….

क्योंकि यह मनुष्य होने की पहली शर्त है। एक पशु कभी मुस्कुरा नहीं सकता है ।

मुस्कुराओ…..

क्योंकि मुस्कान ही आपके चेहरे का वास्तविक श्रृंगार है। मुस्कान आपको किसी बहुमूल्य आभूषण के अभाव में भी सुन्दर दिखाएगी।

मुस्कुराओ…..

क्योंकि दुनिया का हर आदमी खिले फूलों और खिले चेहरों को पसंद करता है।

मुस्कुराओ…..

क्योंकि क्रोध में दिया गया आशीर्वाद भी बुरा लगता है और और मुस्कुरा कर कहे गए बुरे शब्द भी अच्छे लगते हैं।

मुस्कुराओ…..

क्योंकि परिवार में रिश्ते तभी तक कायम रह पाते हैं जब तक हम एक दूसरे को देख कर मुस्कुराते रहते हैं।

मुस्कुराओ…..

क्योंकि आपकी हँसी किसी की ख़ुशी का कारण बन सकती है।

मुस्कुराओ…..

कहीं आपको देखकर कोई किसी गलतफहमी में न पड़ जाए क्योंकि मुस्कुराना जिन्दा होने की पहली शर्त भी है।



हमेशा यह कोशिश करते रहिये कि अच्छे विचार आपके मन को छूते रहें। बुरे विचारों को बाहर करते रहिये। मन को सफेद करने की कोशिश में उस पर बुरी सोच के छीटें नहीं पड़ेंगे। तब मन निर्मल रहेगा। वह खुशी से नाचने लगेगा। यही तो जीवन का रस होगा।

जानते हैं आप कि जीवन का सबसे अच्छा पहलू है कि ‘‘जीवन आपसे मुस्कराने को कहता है’’, और वह बार-बार यही दोहराता है कि ‘‘उसे फीका मत होने दीजिये, रस में रखिये तो वह आपकी मुस्कान को प्रफुल्लित करता रहेगा।’’

जिंदगी की ताकत को पहचानिये।

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