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वक़्त दोस्त और रिश्ते

वक़्त दोस्त और रिश्ते पर सुविचार, स्टेटस एवं शायरी

वक़्त दोस्त और रिश्ते
ये वो चीजें हैं
जो हमें मुफ्त में मिलती हैं
मगर इनकी कीमत का पता तब चलता है
जब ये कहीं खो जाती हैं ।

रिश्ते इसलिए भी नहीं सुलझ पाते
क्योंकि लोग दूसरों की
बातों में आकर
अपनों से उलझ जाते हैं ।

समय और शब्द
दोनों का उपयोग लापरवाही से न करें
क्योंकि
ये दोनों न दोबारा आते हैं और न मौका देते हैं ।

वक़्त दोस्त और रिश्ते पर सुविचार, स्टेटस एवं शायरी

वक़्त फिसलता है रेत की तरह
हम बस उसे संभालना भूल जाते हैं
कुछ लोग बहुत खास होते हैं ज़िन्दगी में
हम बस उन्हें संभालना भूल जाते हैं

रिश्ते, प्यार और मित्रता
हर जगह पाये जाते हैं,
परन्तु ये ठहरते वहीं हैं
जहाँ पर इन्हें आदर मिलता है ।

हम भी वही हैं, संबंध भी वही हैं
रास्ते भी वही हैं
बदलते हैं तो सिर्फ
समय, संजोग और नजर ।

रिश्ता, दोस्ती और प्रेम उसी के साथ रखना,
जो तुम्हारी हँसी के पीछे का दर्द,
गुस्से के पीछे का प्यार, “और”
मौन के पीछे की वजह समझ सके ।

वक़्त दोस्त और रिश्ते- कदर और वक्त

कदर और वक्त भी कमाल के होते हैं
जिसकी कदर करो, वो वक्त नहीं देता
और
जिसको वक्त दो, वो कदर नहीं करता ।

रिश्ते निभाना तो
कोई उस बूढ़े घर से सीखे..
खंडहर बनके भी..
वो ज़मीन का साथ नहीं छोड़ता ।

जहाँ गुंजाइशे हैं
वहाँ प्यार ठहरता है ।
आजमाइश अक्सर रिश्ते
तोड़ देती हैं।

वक़्त दोस्त और रिश्ते पर सुविचार, स्टेटस एवं शायरी पढ़ें –

वक़्त सबको मिलता है

ज़िन्दगी में वक़्त से ज्यादा

वक़्त फिसलता है

वक़्त बदलते देर नहीं लगती

वक्त बदलता है शायरी

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