सुविचार

दूसरों को क्षमा करें

क्षमा करना, मनुष्य का काम है ।
प्रेम करना, देवता का काम है ।
घृणा करना, शैतान का काम है ।

दूसरों को
उतनी जल्दी क्षमा करें
जितनी जल्दी आप
अपने लिए ऊपर वाले से चाहते हो ।

क्षमा
गलतियों की
होती है,
धोखे की नहीं ।

क्षमा करना आसान है।
फिर से भरोसा करना मुश्किल है।

क्षमा करने से
पिछला समय तो नहीं बदलता
लेकिन इस से भविष्य
सुनहरा हो उठता है ।

जो पहले क्षमा माँगता है;
वह बहादुर होता है ।
जो सबसे पहले क्षमा करता है;
वह शक्तिशाली होता है ।
और जो सबसे पहले भूल जाता है;
वह सबसे अधिक सुखी होता है ।

अहँकारी व्यक्ति, कभी क्षमा नहीं माँग सकता,
कमजोर व्यक्ति, कभी क्षमा नहीं कर सकता ।
क्षमा माँगना, नम्र व्यक्ति का गुण है,
और
क्षमा करना शक्तिशाली व्यक्ति का गुण ।

“अहम” से ऊंचा कोई “आसमान” नहीं
किसी की बुराई करने जैसा “आसान”
कोई काम नहीं ।
“स्वयं” को पहचानने से अधिक,
कोई “ज्ञान” नहीं।
और “क्षमा” करने से बडा़ कोई “दान नहीं।

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