सुविचार

सादगी अगर हो लफ्जों में

सादगी पर सुविचार, शायरी, अनमोल वचन हिंदी में

सादगी अगर हो लफ्जों में,
यकीन मानो, इज्जत ” बेपनाह,” और
दोस्त ” बेमिसाल ” मिल ही जाते हैं ।

सलीका सादगी
सब आज़मा कर ये समझ आया,
बहुत नुकसान होता है
अदब से पेश आने पर।

चेहरे बदल-बदल कर मिलते है लोग मुझसे,
इतना बुरा सुलूक क्यों मेरी सादगी के साथ ।

नजरें झुका लेने से भला सादगी का क्या ताल्लुक,
सराफत तो तब झलकती है जब नीयत साफ़ हो।

सादगी किसी श्रृंगार से कम नहीं होती ,
चिंगारी किसी अंगार से कम नहीं होती!

बड़ी सादगी पंसद होती है परेशानियाँ
चुपचाप चली आती हैं,
खुशियों के लिए तो महफिल लगानी पड़ती है ।

ये मिलावटी रिश्तों का दौर है साहब,
यहाँ नफरतों से इल्जाम भी सादगी के लिबास में लगाए जाते हैं ।

संतुलित दिमाग के जैसी कोई सादगी नहीं हैं,
संतोष के जैसा कोई सुख नहीं हैं,
लोभ के जैसी कोई बीमारी नहीं हैं और
दया के जैसा कोई पुण्य नहीं है। 

सुंदरता लोगों को आकर्षित करती है,
जबकि सादगी दिलों को छू जाती है ।

खामोशियाँ ही बेहतर हैं जिंदगी के सफर में,
लफ्जों की मार ने कई घर तबाह किये ।

सादगी पर सुविचार और पढ़ें –

मुलाकात हो न हो बात होनी चाहिए

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button