प्रेरणादायक विचार

हौसले बुलंद कर

हौसले बुलंद कर रास्तों पर चल दे;
तुझे तेरा मुक़ाम मिल जायेगा;
बढ़ कर अकेला तू पहल कर;
देख कर तुझको काफिला खुद बन जायेगा।

जो सफर की
शुरुआत करते हैं,
वे मंजिल भी पा लेते हैं.
बस,
एक बार चलने का
हौसला रखना जरुरी है.
क्योंकि,
अच्छे इंसानों का तो
रास्ते भी इन्तजार करते हैं।

हौसला होना चाहिए
जिंदगी
तो कहीं भी शुरू हो सकती है।

दुनिया में कोई काम असंभव नहीं;
बस  हौसला और मेहनत की जरूरत है…।
पहले मैं होशियार था;
इसलिए दुनिया बदलने चला था ।
आज मैं समझदार हूँ;
इसलिए खुद को बदल रहा हूँ…।

एक सपने के टूटकर
चकनाचूर हो जाने के बाद ,
दूसरा सपना देखने के
हौसले को ‘ज़िन्दगी कहते हैं।

तेज हवाओं में
उड़ते हैं जो
उन परिंदों के पर नहीं
हौसले मजबूत होते हैं।

अपने हौसलों को
यह मत बताओ कि
तुम्हारी परेशानी कितनी बड़ी है,
अपनी परेशानी को
ये बताओ कि तुम्हारा हौसला
कितना बड़ा है।

जुनून है जहन में तो हौसले तलाश करो,
बहते हुये पानी की तरह रास्ते तलाश करो,
ये बैचेनी रगों में बहुत जरूरी है,
उठो सफर के नये सिलसिले तलाश करो ।

दुनिया में कोई काम असंभव नहीं;
बस हौसला और मेहनत की जरूरत है…l

तूफान में ताश का घर नहीं बनता,
रोने से बिगड़ा मुकद्दर नहीं बनता,
दुनिया को जीतने का हौसला रखो
एक हार से कोई फ़क़ीर और
एक जीत से कोई सिकन्दर नही बनता ।

जुनून, हौसला और पागलपन आज भी वही हैं
मैंने जीने का तरीका बदला है तेवर नहीं ।

लहरों को साहिल की दरकार नहीं होती,
हौसला बुलंद हो तो कोई दीवार नहीं होती,
जलते हुए चिराग ने आँधियों से ये कहा,
उजाला देने वालों की कभी हार नहीं होती।

तू रख हौसला वो मंजर भी आयेगा
प्यासे के पास चलकर समंदर भी आयेगा
थक हार के न रुकना ए मंजिल के मुसाफिर
मंजिल भी मिलेगी मिलने का मजा भी आयेगा ।

हौसला मत हार गिरकर ए मुसाफिर
अगर दर्द यहाँ मिला है तो दवा भी यहीं मिलेगी ।

डर मुझे भी लगा फासला देखकर
पर मैं बढ़ता गया रास्ता देखकर
खुद-ब-खुद मेरे नजदीक आती गई
मेरी मंजिल मेरा हौसला देखकर ।

ऐसा  नहीं  कि  राह  में  रहमत  नहीं  रही 
पैरों  को  तेरे  चलने  की  आदत  नहीं  रही 
कश्ती  है  तो  किनारा  नहीं  है  दूर
अगर  तेरे  इरादों  में  बुलंदी बनी  रही ।

हौसले बुलंद कर पर और पढ़ें –
हौसले के तरकस में कोशिश का वो तीर

Tags
Back to top button
Close

Adblock Detected

Please turn off the Ad Blocker