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निराशा

निराशा से आशा की ओर


हमारे जीवन में अक्सर ऐसे मौके आते हैं, जब हम बेहद निराश और उदास होते हैं।
ऐसे मौके पर हमें खुद को अपने परिवेश की अच्छी चीजों की याद दिलानी पड़ती है।
ऐसा करने से नकारात्मक चीजें अपने आप विलुप्त हो जाती हैं क्योंकि
संसार में केवल प्रकाश का अस्तित्व है,
अंधेरा तो प्रकाश की अनुपस्थिति है ।
इसी तरह गर्मी (heat) का ही अस्तित्व है,
शीत (cold) वास्तव में गर्मी की अनुपस्थिति है ।
हमें Light और Heat के बारे में ही पढ़ाया जाता है,
हमारे पाठ्यक्रम में शीत और अंधकार का कोई चेप्टर नहीं होता है ।

“सकारात्मक सोचना या न सोचना हमारे मन के नियंत्रण में है
और हमारा मन हमारे नियन्त्रण में है ।
अगर हम अपने मन से नियंत्रण हटा लेंगे तो
मन अपनी मर्जी करेगा और
हमें पता भी नहीं चलेगा कि
कब हमारे मन में नकारात्मक पेड़ उग गए हैं ।”

आप, जलती हुई मोमबत्ती को उल्टा करते हो,
तब भी उसकी लौ हमेशा उपर की तरफ जाती है।
जीवन में भी, इतनी सारी घटनायें घटेंगी,
जहाँ आपका उत्साह, जोश, नीचे दब जाएगा।
उस समय याद रखना ‘मैं मोमबत्ती की तरह हूँ’
और मैं इस परिस्थिति से बाहर आ जाऊँगा।
मेरे उत्साह को, जोश को, कुछ भी रोक नहीं सकता।

अतः जब भी उदासी और

निराशा के बादल गहराएँ तो याद रखें ये 10 बातें –

1. वक्त सारे घाव भर देता है।
2. मौके हर जगह हैं।
3. दुनिया में अच्छे लोगों की कमी नहीं है जो आपकी मदद कर सकते हैं और आपको प्रेरित कर सकते हैं।
4. जो पसंद नहीं है यदि उसको बदल सकते हैं तो बदल दें अन्यथा उस पर ध्यान देना छोड़ दें ।
5. कुछ भी उतना बुरा नहीं है जितना कि दिखता है।
6. जीवन सुलझा होता है इसे उलझाएँ नहीं।
7. असफलताएँ और गलतियाँ आशीर्वाद और वरदान हैं।
8. जाने दो यारों वाला ऐटिट्यूड अपनायें, आप हमेशा प्रसन्न रहेंगे।
9. ये पूरी सृष्टि हमेशा आपके पक्ष में काम करती है न कि विरोध में।
10. हर अगला दिन आपके लिए नयी उम्मीदों का भण्डार लेकर आता है।

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