प्रेरणादायक विचार

उम्मीद खोना हाथ पाँव खोने से ज्यादा बुरा

उम्मीद खोना हाथ पाँव खोने से ज्यादा बुरा है ।

एक व्यक्ति द्वारा स्वामी विवेकानंद जी से पूछा;
सब कुछ खोने से ज्यादा बुरा क्या है ?
स्वामी जी ने कहा;
वो उम्मीद खोना;
जिसके भरोसे हम सब कुछ वापस पा सकते हैं ।

जीवन में खुश रहने के लिए तीन चीजें जरुरी हैं –
कुछ करने के लिए होना,
प्रेम करने के लिए होना व
कुछ उम्मीद के लिए होना ।

दुनिया की अधिकतर जरुरी चीजें
उन लोगो ने प्राप्त की हैं
जिन्होंने उम्मीद न होने के बावजूद भी
अपना प्रयास लगातार जारी रखा ।

अगर कोई आपकी उम्‍मीद से जीता है 
तो आप भी उसके यकीन पर खरा उतरिये,
क्‍योंकि उम्‍मीद इंसान उसी से रखता है
जिसको वो अपने सबसे करीब मानता है ।

किसी से उम्मीद किए बिना 
उसका अच्छा करो,
क्योंकि किसी ने कहा है, कि
जो लोग फूल बेचते हैं
उनके हाथ में खुश्बू अक्सर रह जाती है।

उम्मीदों से बंधा एक,
जिद्दी परिंदा है इंसान, 
जो घायल भी उम्मीदों से है
और जिंदा भी उम्मीदों पर है ।

उम्मीद कभी हमें
छोड़ कर नहीं जाती है
जल्दबाजी में हम ही
उसे छोड़ देते हैं ।

किसी की उम्मीद बनो
ना उम्मीद तो वे खुद भी होते हैं।

ईश्वर कहते हैं कि
किसी को तकलीफ देकर
अपनी खुशी की उम्मीद मत करना,
लेकिन किसी को
एक पल की भी खुशी दो तो फिर
तुम अपनी तकलीफ की चिंता मत करना ।

सृजनशील व्यक्ति
कुछ कर पाने की उम्मीद से प्रेरित होता है,
दूसरों को होड़ में
हराने की उम्मीद से नहीं ।

ढलना तो एक दिन है सभी को
चाहे इंसान हो या सूरज 
मगर हौसला सूरज से सीखो
रोज़ ढल के भी
हर दिन उम्मीद से निकलता है ।

जिससे कोई उम्मीद नहीं होती है
अक्सर वही कमाल करते हैं ।

जिसके पास उम्मीद है,
वह लाख बार हार कर भी नहीं हारता ।

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