प्रेरक प्रसंग

मलिक मोहम्मद जायसी

मलिक मोहम्मद जायसी ‘पद्मावत’ जैसे कालजयी महाकाव्य की
रचना के लिए प्रसिद्ध हैं . जायसी के जीवन के बारे में जो जानकारी मिली है,
वह अपर्याप्त भी है और विवादग्रस्त भी।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में जायस नाम का कस्बा है,
जहां निवास करने के कारण वे जायसी कहलाए ।
प्रसिद्ध है कि जायसी बचपन में ही माता-पिता को खो चुके थे।
जायसी के जन्म तथा मृत्यु को लेकर भी कई तरह की बातें कही जाती  है ।

मलिक मोहम्मद जायसी – जायस में निवास के कारण जायसी कहलाए

जायस में प्रसिद्घ है कि वे एक बार शेरशाह के दरबार में गए।
शेरशाह उनके भद्दे चेहरे को देख हंस पड़ा।
उन्होंने अत्यन्त शांत भाव से पूछा ‘मोहि हससि, कि कोहरहि?’
अर्थात तू मुझ पर हंसा या उस कुम्हार गढऩे वाले ईश्वर पर?
इस पर शेरशाह ने लज्जित होकर क्षमा मांगी।
कुछ लोग कहते हैं कि वे शेरशाह के दरबार में नहीं गए थे,
शेरशाह ही उनका नाम सुनकर उनके पास आया था” ।

”कहते हैं कि जायसी के पुत्र थे, पर वे मकान के नीचे दबकर या किसी और दुर्घटना से मर गए।
तब से जायसी संसार से और भी अधिक विरक्त हो गए और
कुछ दिनों में घर-बार छोड़कर इधर-उधर फकीर होकर घूमने लगे।

जायसी की कब्र अमेठी के राजा के वर्तमान कोट से लगभग पौन मील के लगभग है।
यह वर्तमान कोट जायसी के मरने के बहुत पीछे बना है।
अमेठी के राजाओं का पुराना कोट जायसी की कब्र से डेढ़ कोस की दूरी पर था।”

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