अनमोल वचन

परिवार से बड़ा कोई धन नहीं

परिवार पर अनमोल वचन – परिवार की एकता

परिवार घड़ी की सुईयों जैसा होना चाहिये,
कोई छोटा हो, कोई बड़ा हो,
कोई स्लो हो, कोई फास्ट हो,
पर जब किसी के 12 बजाने हो तो सब साथ हो ।

पत्थर तब तक सलामत है,
जब तक वो पर्वत से जुड़ा है ।
पत्ता तब तक सलामत है,
जब तक वो पेड़ से जुड़ा है ।
इंसान तब तक सलामत है,
जब तक वो परिवार से जुड़ा है ।
क्योंकि,
परिवार से अलग होकर
आज़ादी तो मिल जाती है
लेकिन
संस्कार चले जाते हैं ।

अगर शहद जैसा मीठा
परिणाम चाहिये, तो
मधुमक्खियों की तरह
एक रहना ज़रूरी है ।
चाहे वो दोस्ती हो
या परिवार ।

एक पत्थर लीजिये ओर उस पत्थर को
किसी जानवर कुत्ते बिल्ली को मारिये
आप देखेंगे कि जानवर डर के भाग जायेगा अब
फिर वही पत्थर लीजिये और
एक मधुमक्खी के छत्ते पर मारिये
फिर देखियेगा कि मधुमक्खियाँ आपका क्या हाल करती हैं
पत्थर वही है और आप भी वही हैं बस फर्क इतना है कि
जानवर अकेला था और मधुमक्खियाँ समूह में थी
संयुक्त परिवार और एकता में ही शक्ति है ।
यदि संभव हो तो संयुक्त रहें संगठित रहें ।

परिवार का महत्व

परिवार में –
कायदा नही व्यवस्था होती है
परिवार में –
सूचना नही सिर्फ समझ होती है
परिवार में –
कानून नही अनुशासन होता है
परिवार में –
भय नही सिर्फ भरोसा होता है।
परिवार में –
शोषण नही सिर्फ पोषण होता है
परिवार में –
आग्रह नही सिर्फ आदर होता है
परिवार में –
सम्पर्क नही सम्बंध होता है
परिवार में –
अर्पण नही सिर्फ समर्पण होता है
इसलिये स्वयं को परिवार से जोड़े रखें।

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