अनमोल वचन

परिवार से बड़ा कोई धन नहीं

परिवार पर अनमोल वचन – माँ

माँ के बाद सिर्फ हिम्मत ही मनुष्य का साथ देती है,
जो मनुष्य को कभी हारने नहीं देती ।

दोनों समय का भोजन माँ बनाती है तो
जीवन भर भोजन की व्यवस्था करने वाले पिता को हम सहज ही भूल जाते हैं।

चखे हैं जाने कितने जायके महंगे मगर ए-माँ
तेरी चूल्हे की रोटी सारे पकवानों पे भारी है ।

परिवार पर अनमोल वचन – माता-पिता की कीमत

संघर्ष पिता से सीखिये..!
संस्कार माँ से सीखिये…!!
बाकी सब कुछ दुनिया सिखा देगी ।

माँ घर का गौरव तो पिता घर का अस्तित्व होते हैं ।
माँ के पास ममता तो पिता के पास संयम होता है ।

माता-पिता के बिना
घर कैसा होता है
अगर इसका अनुभव करना है तो,
एक दिन अपने अँगूठे के बिना
सिर्फ अंगुलियों से
काम करके देख लो
माता-पिता की कीमत
पता चल जाएगी ।

छोटी मगर बहुत बड़ी बात
पानी अपना पूरा जीवन देकर पेड़ को बड़ा करता है,
इसलिए शायद पानी लकड़ी को कभी डूबने नहीं देता।
माँ- बाप का भी कुछ ऐसा ही सिद्धांत है।

भीगने का अगर शौक हो तो
आकर अपने माता-पिता के चरणों में बैठ जाना
ये बादल तो कभी कभी बरसते हैं
मगर माता-पिता की कृपा हर पल बरसती है ।

कभी ठोकर या चोट लगे तो मुँह से ‘ओ माँ’ ही निकलता है ,
लेकिन सड़क पार करते समय कोई कार पास आकर ब्रेक लगाए तो
‘अरे बाप रे’ यही मुँह से निकलता है ।
क्योंकि छोटी छोटी तकलीफों के लिये माँ है और
बड़े-बड़े संकट आने पर पिता ही याद आते हैं ।
माता – पिता एक पेड़ हैं जिनकी शीतल छाँव में
पूरा परिवार खुशी से रहता है ।

बूढ़े हो जाते हैं माँ बाप
औलाद की फिक्र में ।
औलाद समझती है
असर उन पर उम्र का है ।

माँ-बाप – माँ परिवार की धरती है और पिता वट वृक्ष

जिंदगी में दो लोगों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है                                              
पिता, जिसने तुम्हारी जीत के लिए सब कुछ हारा हो !                                                
माँ, जिसको तुमने हर दुःख में पुकारा हो ।

मिलने को तो हजारों मिल जाते हैं 
लेकिन हजारों गलतियों को माफ करने वाले माँ-बाप
दोबारा नहीं मिलते ।

दुनिया में सिर्फ माँ-बाप ही ऐसे हैं
जो बिना स्वार्थ के प्यार करते हैं ।

घर की इस बार मुकम्मल मैं तलाशी लूँगा,
ग़म छुपा कर मेरे माँ-बाप रखते कहाँ हैं ।

माँ परिवार की धरती है तो
पिता उस परिवार का वह वट वृक्ष है
जिनकी शीतल छाँव के नीचे
संतान धरती (माँ) की गोद मे बैठ कर सुस्ताते हैं ।

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