अनमोल वचन

दो अक्षर का लक ढाई अक्षर का भाग्य

मेहनत सीढ़ियों की तरह होती है
और भाग्य लिफ्ट की तरह होता है ।
लिफ्ट तो किसी भी समय बंद हो सकती है पर
सीढ़ियाँ हमेशा ऊँचाई की ओर ही ले जाती हैं ।

hard work quotes in Hindi

दो अक्षर का लक, 
ढाई अक्षर का भाग्य,
तीन अक्षर का नसीब,
साढ़े तीन अक्षर की किस्मत,
ये सभी चार अक्षर के मेहनत से छोटे ही होते हैं। 

एक पल के लिये मान लेते हैं कि,
किस्मत में लिखे फैसले बदला नहीं करते.
लेकिन आप फैसले तो लीजिये,
क्या पता, किस्मत ही बदल जाए ।

कामयाब होने के लिये
मेहनत पर यकीन करना होगा;
किस्मत तो सिर्फ आजमाई जाती है
पर मेहनत तो करके दिखाई जाती है ।

अगर मेहनत आदत बन जाये
तो कामयाबी मुकद्दर बन जाती है ।

inspiring work quotes in Hindi

मेहनत इतनी खामोशी से करो कि
सफलता शोर मचा दे ।

चाहे हजार बार नाकामयाबी हो,
कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ
लगे रहोगे तो अवश्य सफलता तुम्हारी है ।

यूँ ही नहीं होती 
हाथ की लकीरों के आगे उँगलियाँ,
रब ने भी किस्मत से पहले मेहनत लिखी है।

जो भाग्य में हैं वह भाग कर आयेगा और
जो भाग्य में नही हैं वह आकर भी भाग जायेगा ।

न किसी का फेंका हुआ मिले,
न किसी से छिना हुआ मिले,
मुझे बस मेरे नसीब में, लिखा हुआ मिले,
ना मिला ये भी, तो कोई गम नहीं,
मुझे बस मेरी मेहनत का, किया हुआ मिले ।

hard work quotes in Hindi

दुनिया में कोई काम असंभव नहीं,
बस हौसला और मेहनत की जरुरत है ।

अधूरी जानकारी डर का कारण है,
पर्याप्त समझ निर्भयता लाती है ।

पसीने की स्याही से जो लिखते हैं
अपने इरादों को,
उनके मुक़द्दर के पन्ने कभी
कोरे नहीं हुआ करते ।

सोच मत साकार कर

सोच मत, साकार कर।
अपने कर्मो से प्यार कर।
मिलेगा तेरी मेहनत का फल।
किसी और का इंतज़ार कर
जो चले थे अकेले उनके पीछे आज मेले है….
जो करते रहे इंतजार उनकी
जिंदगी में आज भी झमेले है।

जब कड़ी से कड़ी जोड़ते हैं तभी जंजीर बनती है
और जब मेहनत पे मेहनत होती है तभी तक़दीर बनती है।

Kuch Chaho Aur Na Mile

फर्क होता है खुदा और फ़क़ीर में;
फर्क होता है किस्मत और लकीर में;
अगर कुछ चाहो और न मिले;
तो समझ लेना कि कुछ और;
अच्छा लिखा है तक़दीर में।

जब मेहनत करने के बाद भी
सपने पूरे नहीं हों तो रास्ते बदलिए,
सिंद्धात नहीं क्योंकि पेड़ भी
हमेशा पत्ते बदलता है जड़ नहीं ।

कुछ करना है, तो डटकर चल।
थोड़ा दुनिया से हटकर चल
लीक पर तो सभी चल लेते हैं,
कभी इतिहास को पलटकर चल
बिना काम के मुकाम कैसा?
बिना मेहनत के, दाम कैसा?
जब तक ना हासिल हो मंज़िल,
तो राह में, राही आराम कैसा ?
अर्जुन सा, निशाना रख, मन में न कोई बहाना रख ।
जो लक्ष्य सामने है, बस उसी पे अपना ठिकाना रख ।

आचार्य चाणक्य के अनुसार मेहनत करने वाला वाला व्यक्ति ही सफल होगा, यह आवश्यक नहीं, व्यक्ति कुछ सीमा तक सफल कहा जा सकता है, परन्तु सफल होना और ऊँचाईयाँ निरंतर बनाए रखने के लिए कुछ और बातों का ज्ञान आवश्यक है । आइए जानते हैं उन बातों को –
1. सही निर्णय लेने की क्षमता
2. धैर्य
3. प्रवाह, क्रम और तर्कसम्मत विचार युक्त संवाद
4. क्षेत्र बिशेष पर कार्य करने के पूर्व पूर्ण जानकारी

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