अनमोल वचन

यूँ जमीन पर बैठकर

सोच शायरी, सोच पर अनमोल वचन, सोच स्टेटस

यूँ जमीन पर बैठकर
क्यों आसमान देखता है
पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है
लहरों की तो फितरत ही है
शोर मचाने की
मंज़िल उसी की होती है
जो नजरों में तूफान देखता है ।

जब तक तुम भविष्य से डरते रहोगे,
तुम्हारी जिंदगी के फैसले दूसरे लोग ही लेते रहेंगे ।

सोच शायरी

मत सोच कि तेरा;
सपना क्यों पूरा नहीं होता,
हिम्मत वालों का इरादा;
कभी अधूरा नहीं होता,
जिस इंसान के कर्म;
अच्छे होते हैं,
उसके जीवन में कभी;
अँधेरा नहीं होता ।

मत सोच इतना जिन्दगी के बारे में,
जिसने जिन्दगी दी है उसने भी तो कुछ सोचा होगा ।

समस्या देने वाले की हस्ती कितनी भी बड़ी क्यों न हो
पर भगवान की कृपादृष्टि से बड़ी नहीं हो सकती है ।

कुछ समस्याएं हमारी परीक्षा लेने नहीं बल्कि,
हमारे साथ जुड़े लोगों की पहचान करवाने आती हैं ।

परिस्थिति बदलना जब मुमकिन न हो तो,
मन: स्थिति बदल लीजिए
सब अपने आप बदल जाएगा ।

झूठे इल्ज़ामों की फिक्र न करें,
वक़्त के ग्रहण तो चाँद और सूरज भी झेलते हैं ।

सोच पर अनमोल वचन

जिसने संसार को बदलने की कोशिश की,
वो हार गया,और
जिसने खुद को बदल लिया वो जीत गया ।

वक्त की इस गर्दिश का गम मत करना,
महकेगी फिजा फिर से, भरोसा रखना ।

इच्छाओं के अनुरूप जीने के
लिए जुनून चाहिए
वरना परिस्थितियां तो सदा
विपरीत रहती हैं

फिर से शुरुआत करने में
कभी मत घबराना ।
क्योंकि इस बार शुरुआत ,
शून्य से नहीं, अनुभव से होगी ।

अभ्यास हमें बलवान बनाता है,
दुःख हमें इंसान बनाता है,
हार हमें विनम्रता सिखाती है,
जीत हमारे व्यक्तित्व को निखारती है,
लेकिन;
सिर्फ़ विश्वास ही है;
जो हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है;
इसलिए हमेशा अपने लोगों पर;
अपने आप पर;
और अपने ईश्वर पर विश्वास रखना चाहिए ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button