अनमोल वचन

यूँ जमीन पर बैठकर

यूँ जमीन पर बैठकर
क्यों आसमान देखता है
पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है
लहरों की तो फितरत ही है
शोर मचाने की
मंज़िल उसी की होती है
जो नजरों में तूफान देखता है ।

ढूढ़ोगे अगर तो ही रास्ते मिलेंगे
मंज़िलों की फितरत है;
खुद चलकर नहीं आती ।

मत सोच कि तेरा;
सपना क्यों पूरा नहीं होता,
हिम्मत वालों का इरादा;
कभी अधूरा नहीं होता,
जिस इंसान के कर्म;
अच्छे होते हैं,
उसके जीवन में कभी;
अँधेरा नहीं होता ।

अभ्यास हमें बलवान बनाता है,
दुःख हमें इंसान बनाता है,
हार हमें विनम्रता सिखाती है,
जीत हमारे व्यक्तित्व को निखारती है,
लेकिन;
सिर्फ़ विश्वास ही है;
जो हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है;
इसलिए हमेशा अपने लोगों पर;
अपने आप पर;
और अपने ईश्वर पर विश्वास रखना चाहिए ।

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